जा बृज भाषा की साईट पै तुमारौ सुआगतै।
"ब्रजभाषा उत्तर भारत की एक रसभरी और मिठास ते भरी बोली है..." और य्हांकै लोग आपस में एक दूसरे की मदत के काजैं हमेसा तईयार रैहमें और आपस में भौत पियार करैं।
भौत से कविन नें बृजभाषा अपनी कविता लिखी और बिनकी जे कविता भौत प्रसिद्ध भई हैं।
जैसें- सूरदास, रसखान, मीराबाई, कबीर जैसे संतन नें अपनी काव्य रचनाएं करी हैं।
बृजभाषा मुख्य रूप ते इन इन जगैहन पै बोली जाबै।
· उत्तर प्रदेश:- मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोवर्धन, आगरा, अलीगढ़, एटा, हाथरस
· राजस्थान:- भरतपुर, धौलपुर, डीग, कामां
· हरियाना:- फरीदाबाद, पलवल
· मध्य प्रदेश:- मुरैना
जै सब छेत्र बृज संस्कृति और बृजभाषा के पिरभाव वारे मानें जामें।
जि "बृज भाषा छेत्र" की सटीक जनसंख्या नांय, पर जा समै बृज छेत्र की जनसंख्या लगभग लगभग 3.5 से 4 करोड़ के आसपास मानी जाबै।
जि लगभग 2011 की जनगणना और 2024 के अनुमान पै आधारित मानी जा सकै।